हे प्रभो ! आनंद – दाता ज्ञान हमको दीजिए |
शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए
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लीजिये हमको शरण में हम सदाचारी बनें |
ब्रह्मचारी, धर्मरक्षक, वीर व्रतधारी
बनें |
कार्य जो हमने उठाये, आपकी ही आश से |
ऐसी कृपा करिये प्रभो सब पूर्ण होवें
दास से ||
1 टिप्पणी:
बहुत अच्छा है।
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