शनिवार, 29 मार्च 2014

हे प्रभो ! आनंद – दाता ज्ञान हमको दीजिए |

हे प्रभो  ! आनंद – दाता ज्ञान हमको दीजिए |
शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए ||
लीजिये हमको शरण में हम सदाचारी बनें |
ब्रह्मचारी, धर्मरक्षक, वीर व्रतधारी बनें |
कार्य जो हमने उठाये, आपकी ही आश से |

ऐसी कृपा करिये प्रभो सब पूर्ण होवें दास से ||

1 टिप्पणी:

Unknown ने कहा…

बहुत अच्छा है।