शनिवार, 29 मार्च 2014

दयाकर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना |


दयाकर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना |
दया करना , हमारी आत्मा में शुद्धता देना ||
हमारे ध्यान में आओ, प्रभो ! आखों में बस जाओ |
अँधेरे दिल में आकर के , परम ज्योति जगा देना || दया ....
बहा दो प्रेम की गंगा, दिलों में प्रेम का सागर |
हमें आपस में मिल-जुल कर, प्रभो रहना सिखा देना || दया ...
हमारा कर्म हो सेवा, हमारा धर्म हो सेवा |
सदा ईमान हो सेवा , व सेवकचर बना देना || दया ...
वतन के वास्ते जीना , वतन के वास्ते मरना |

वतन पर जां फ़िदा करना, प्रभो ! हमको सिखा देना || दया .....

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