शनिवार, 29 मार्च 2014

प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है |

प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है |
कितना महान है तो कितना महान है |
यहाँ वहां कोने कोने तू ही मशहूर है |
निकट से निकट और दूर से भी दूर है |
तुझ में समाया हुआ सकल जहान है |
कितना महान है तो कितना महान है |

तू ही मालिक है सारी कायनात का |
फूलों भरी क्यारियों का तारों की जमात का |
तेरी ही जमीन है यह तेरा आसमान है |
कितना महान है तो कितना महान है |

सब ने जो रंग देखे सभी तेरे रंग हैं |
जग में अनेक तेरे पालने के ढंग हैं |
तुझ को तो छोटे बड़े सब का ही ध्यान है |
कितना महान है तो कितना महान है |

जितने भी दुनिया में जीव देहधारी हैं |
सभी तेरे प्यार के समान अधिकारी हैं |
“पथिक” सभी को तूने दिया वरदान है |

कितना महान है तो कितना महान है |

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