तर्ज :- रघुपति राघव राजा राम.....
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
विश्व विधाता इश महान |
बहुत निराली तेरी शान |
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
अमर अनादी अनंत अनूपा |
नित्य सनातन सत्य स्वरूपा |
अलख निरंजन शक्तिमान |
बहुत निराली तेरी शान |
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
मात पिता बंधू और भ्राता |
रक्षक पालक तू सुख दाता |
तू सब का प्राणों का प्राण |
बहुत निराली तेरी शान |
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
मंगल जनक अमंगल हारी |
कष्ट विदारक पर उपकारी |
दीन दयाकर कृपा निधान |
बहुत निराली तेरी शान |
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
पतित उद्धारक शंकर स्वामी |
परम सहायक अन्तर्यामी |
“पथिक” करे तेरा गुणगान |
बहुत निराली तेरी शान |
हे जगदीश्वर ! हे भगवान् !
बहुत निराली तेरी शान |
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